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गाय के शरीर पर हाथ फेरने के वैज्ञानिक लाभ

गाय के शरीर पर हाथ फेरने के वैज्ञानिक लाभ

आज की भाग दौड़ में हमारी शारीरिक ऊर्जा और बुद्धि में तालमेल का प्रायः अभाव रहता है| कार्यों को करने की हमारी क्षमता में लगातार गिरावट आती जा रही है| और इससे अधिकतर हमें तनाव की शिकायत होने लगती है| तनाव से हमारी निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है जिससे हमारी बुद्धि नष्ट होती है और हम गलत निर्णय लेना आरंभ कर देते हैं| इन गलत निर्णयों से हमारी असफलता निश्चित हो जाती है| इस लेख में हम चर्चा करेंगे एक ऐसे उपाय कि जिसमें बिना दवा के और 1 पैसा खर्च किये बिना आप परिणाम प्राप्त कर पायेंगे| आइये, जानते हैं इस उपाय के विषय में जो बदतर परिस्थितियों में भी आपको हमेशा परिणाम देने वाला है!

 

इस उपाय के केंद्र में है ‘गाय’ और हिन्दू मत में तो इन्हें ‘गौ माता’ कहते हैं| आगे बढ़ने से पहले मैं आपको सूचित कर देना चाहूँगा कि यह विडियो किसी भी अवैज्ञानिक टोटका विधि या किसी भी तरह की गप से रहित है| इसमें जो हम बात करेंगे उसमें हमने बहुत ही अधिक यह ध्यान रखा है कि हमारी चर्चा विज्ञान सम्मत और सप्रमाण हो ताकि आप बिना किसी अन्धविश्वास में फंसते हुए तथ्यों के आधार पर इस उपाय का लाभ ले सकें|


यह उपाय बहुत ही सरल है| इसमें आपको करना कुछ नहीं है, किसी ‘देशी गौ माता’ की पीठ पर हाथ फेरना है| आपको शायद ऐसा लगे कि गाय की पीठ पर हाथ फेरने से ऐसा क्या हो जायेगा? संसार में ऐसा कोई कार्य नहीं जिसके पीछे कोई कारण न हो| इसके विपरीत, बिना कारण के कोई कार्य सिद्ध नहीं होता|


सभी जीवों में गौ माता की ऊर्जा वृत्ति बहुत ही सशक्त होती है यानी गौ माता के आस पास का औरा अन्य जीवों की तुलना में बहुत बड़े दायरे तक विस्तृत होता है|


वह एक तरह से सात्विक ऊर्जा निकालने वाली मशीन की तरह है|


इसकी दूसरी ओर हमारे शरीर की सभी नसों का अंत हमारी हथेली और तलवों पर होता है|


जब भी हम गौ माता की पीठ पर हाथ फेरते हैं तो उनकी पीठ प्राकृतिक रूप से कंपायमान होती है और यह कम्पन हमारी हथेली की नसों को प्रभावित करता है| इससे होता यह है कि वह कम्पन हमारी नसों के माध्यम से हमारे पूरे शरीर में फैलता है|


कम्पन और कुछ नहीं, ऊर्जा या प्राणशक्ति है| यह पूरा ब्रह्माण्ड ऊर्जा से संचालित है और ऊर्जा कम्पन के माध्यम से स्थानांतरित होती है एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ में|


ऊर्जा के विषय में एक तथ्य यह भी है कि बड़ी या भारी ऊर्जा, कम ऊर्जा पर हावी होती है| हमारे शरीर का औरा ऊर्जा सीमा है और जैसा कि पीछे कहा गया है गौ माता का औरा सबसे अधिक होता है| गौ माता की सकारात्मक ऊर्जा हमारे शरीर में कम्पन के माध्यम से स्थानांतरित होती है|

 

अब इससे लाभ क्या होता है?

हर जीव की प्रवृत्ति उसका मन तय करता है और मन ऊर्जा का ही एक प्रकार होता है| गौ माता के अन्दर जैसी सात्विक ऊर्जा है, वैसी ही उसकी प्रवृत्ति होती है यानी शांत, दयाशील, सहनशील, ममता पूर्ण आदि|


जब गौ माता की ऊर्जा हमारे भीतर प्रवेश करती है तो यह अधिक प्रभावी होने से उसके गुण भी हम पर हावी होने लगते हैं| अर्थात हमारी प्रवृत्ति भी सात्विक हो जाती है|


शारीरिक स्तर पर यह हमारे blood pressure को तुरंत संतुलन में लाता है| ऐसा करने से हमें तनाव से मुक्ति मिलती है, हृदय पर दबाव घट जाता है, लीवर और किडनी अपना कार्य सही रूप से करने लगते हैं और हमारे पूरे शरीर पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है| एक शांत मन और तीव्र बुद्धि से हम सही समय पर सही निर्णय लेने में सक्षम हो जाते हैं जिससे हमारी सफलता निश्चित होने लगती है|


अतः यह बहुत आवश्यक है कि हम कम से कम सप्ताह में एक बार गौ माता को खाने के लिए दें (यदि हम उसका पालन अपने घर पर नहीं कर रहे हैं तो| और इस बहाने गौ माता को सहलाने का सौभाग्य प्राप्त करें|

 

अंतिम वचन

अभी कुछ समय पूर्व तक, गौ माता के बिना हमारे लिए जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल था क्योंकि वे हमारे दैनिक जीवन को हर प्रकार से प्रभावित करती थीं|


किन्तु समय और मांग के साथ गौ माता हमारे जीवन से बाहर होती चली गयीं| इस मशीन के युग में हमने लम्बे जीवन और उत्तम परिणामों को सुविधा से compromised कर लिया तथा गौ माता के भाग्य में बूचड़खाने लिख दिये|

यदि हम चाहते हैं कि हमारा जीवन सुखपूर्वक और स्वस्थ बीते तो हमें किसी भी प्रकार से गौ माता को अपने जीवन का एक अभिन्न अंग पुनः बनाना होगा!

 

किन्तु यह सब होगा कैसे?

इसके लिए गौ माता को अर्थव्यवस्था से पुनः जोड़ने की आवश्यकता है| यदि आप गौ माता के पंचगव्य से बने उत्तम पदार्थ अपने घर में उपयोग करना आरम्भ करते हैं तो बढ़ी हुई मांग गौ पालन के क्षेत्र में नए नए अवसर पैदा करेगी|


यह गौ का पालन करने वालों को प्रेरित करेगा और गाय कटने के लिए कहीं नहीं जाएगी क्योंकि इससे गौमांस का दाम आसमान छूने लगेगा और गोबर-गोमूत्र का महत्त्व बढ़ने लगेगा जिससे कई तरह के जीवन रक्षक उपाय किये जा सकेंगे|


आप आज ही अपनी निकट गौशाला, गौपालक या किसान से सम्पर्क करके (जो गौ उत्पाद बनाते हों) गौ उत्पादों का उपयोग करना आरंभ करें! यदि आपके आसपास ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध न हो तो हमारी वेबसाइट www.gaurashtra.com से विश्व में कहीं भी घर बैठे मंगवा सकते हैं|


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इस लेख को अपना समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!


 

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